गुनाह (भूतिया कहानी) भूतकाल की कहानी | कहानी की कहानी। भूतिया कहानी | बचपन की कहानी

गुनाह (भूतिया कहानी) | भूतकाल की कहानी | कहानी की कहानी। भूतिया कहानी | बचपन की कहानी

    हेलो, क्या मेरी बात महेश के घर वालो से हो रही है? जी हाँ पर आप कोन बोल रहे हो? 

जल्दी से आप सदर अस्पताल पहुचीये, वहाँ आपको सब कुछ पता चल जाएगा। 

राज के पापा ने पूछा। राज को क्या हुआ, किसका फोन था और तु इतना परेशान क्यो है? 

पता नही पापा पर  किसी ने जल्दी से अस्पताल आने के लिए बुलाया है।

राज और उसके पिता जल्दी से अस्पताल पहुंचे वहाँ पर कुछ पुलिस खडी थी। 

आइये मैंने ही आपको फोन किया था, दरशल महेश कि किसी ने हत्या कर दी है। ये बात सुन पापा वही पर जोर जोर से रोने लगे। 

राज ने किसी भी तरह करके अपने पापा को संभाला। दरअसल हमे महेश की लाश पास के जंगल मे मिली हे। उसके शरीर को बुरी तरह से नीचोड दिया गया था, ऐसा लगता है जैसे किसी जंगली जानवर ने उसे मारा हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी कुछ पता नही चला। 

पुलिस ने उनसे पूछ ताछ कि और चले गए। 

राज और उसके पिता वो दोनो भी घर चले गए। घर पे सभी लोग रो रहे थे। 

राज बार बार एक बात सोच रहा था कि आखिर उसके भाई कि मौत हुइ कैसे,

और ऐसा कोई करेगा भी क्यो करेगा। राज ने ठान लिया कि वह अपने भाई के हत्यारे का पता लगा कर ही रहेगा। मै बता दु कि महेश पास के शहर में ही एक कंपनी में काम करता था। घर आने मे अक्सर उसे बहुत देर रात हो जाती थी। उसकी एक दोस्त भी थी जिसका नाम पुजा था। दोनो साथ में ही काम करते थे। 

     हास्पिटल (भूतिया कहानी)

रास्ते मे आते वक्त उन्हे जंगल से गुजरना पड़ता था। जंगल के पास में ही पुजा का घर था। कुछ दिन बीत गए इस घटना को। राज परेशान बैठा उसी के बारे मे सोच रहा था। तभी उसे पुजा की याद आइ। उसने तुरंत अपने एक दोस्त के पास फोन किया और घर आने को कहा। 

उसका दोस्त आया, उसने पूछा तुमने मुझे इतनी जल्दी क्यो बुलाया? तुझे याद है। भाई ने हमे एक बार पुजा से मिलाया था? हाँ याद है। क्यू ना हमे उससे मिलना चाहिए शायद भाई की मौत का कुछ पता चल जाए। दोनो उसके घर पहुचे। 

अरे राज तुम अंदर आओ न? दोनो घर के अंदर गये। उन्हें परेशान देख पुजा ने पुछा – तुम दोनो परेशान क्यो हो? दोनो एक दूसरे की तरफ देखने लगे। उन्होंने सारी बात बताई। यह सुन पुजा के आंखों मे आसु आ गए। राज ने कहा हम उसी के बारे मे जानने आये थे कि उस रात क्या हुआ था? नही मुझे कुछ नही पता, मै तो उस दिन ऑफिस ही नही गयी थी। तभी उसके दोस्त ने कहा मै एक ऐसे तांत्रिक को जानता हूँ। जो अपनी शक्ति से उस रात की घटना बता सकते है। 

हमे उनके पास चलना चाहिए। 

मै भी चलुगी, पुजा ने कहा। और तीनो एक साथ उस तांत्रिक के पास पहुंचे। ओर तांत्रिक को सब बात बताई। फिर तांत्रिक ने अपनी शक्ति से उस घटना के बारे मे पता लगाया। उस रात महेश घर लौट रहा था रात बहुत ज्यादा हो गई थी। जब वह जंगल के रास्ते से होकर गुजर रहा था तभी उसे एक औरत दिखाई दी जो पुरी तरह घायल थी और महेश से यह सब देखा नहीं गया और वह तुरंत उसकी मदद करने चला गया।

भूतकाल की कहानी

 जब वह उसके पास पहुंचा तो उसके रोंगटे खड़े हो गए। वहा पुजा पुरी तरह से घायल थी। महेश ने उसे उठाने की कोशिश की किन्तु उसने महेश का ही गला दबा दिया और उसे वही मार दिया। पर यह कैसे हो सकता है जबकि पुजा तो उस दिन घर पे ही थी।

फिर तांत्रिक बोला वह पुजा नही पुजा के रूप मे कोई चुड़ैल थी तांत्रिक ने कहा अब सब घर चले जाओ। सब घर चले गए। पुजा भी अपने घर चली गई। रात को राज और उसके दोस्त बैठे कुछ सोच रहे थे। तभी किसी ने बाहर आवाज लगाई। राज ने बाहर देखा तो वहां तांत्रिक खडा था। 

वह अन्दर आया। मै तुम्हे कुछ बताने आया हु तुम्हारे भाई की हत्या किसी और के हाथो नही पुजा के हाथो हुई है। राज- तांत्रिक से यह आप क्या कह रहे है? 

मुझे कुछ समझ मे नही आ रहा। मै तुमे सब समझाता हूँ, महेश को जो औरत दिखी थी वह पुजा नही; थी। और जो तुम्हे साथ आई थी वह वही औरत थी जिसने महेश कि हत्या कि पुजा के शरीर पर किसी चुडैल का साया है। और पुजा भी वही कर रही है जो उससे चुडैल करवा रही है। अब मै तुम्हे जैसे जैसे बता रहा हूँ। वैसे वैसे करते जाओ। अगली सुबह दोनो पुजा के घर गए और उसे अपने साथ तांत्रिक के पास चलने को कहा। तीनो तांत्रिक के पास पहुंचे। 

बचपन की कहानी

तभी किसी ने उपर से राख जैसी कोई चीज पुजा के उपर फेंकी। वह तो ऐसे छटपटाने लगी जैसे उसके उपर किसी ने तेजाब फेंक दिया हो। पुजा बेहोश हो गई। उसे उठाकर एक गोले मे बैठा दिया गया। तांत्रिक ने कुछ मंत्र पड़ा और उसके उपर छीडक दिया। उसे होश आया तो वह अपने असली रूप मे आने लगी। राज और उसके दोस्त एक कोने मे खडे होकर यह सब देख रहे थे। तांत्रिक ने उसे डराते हुए पुछा तुमने महेश को क्यो मारा। फिर उस चुडैल ने सारी बात बताई। 

मेरा नाम अंजली है मै भी उनके साथ उसी कम्पनी मे मेरे साथ काम करती थी। मै महेश से बहुत प्यार करती थी। पर वह मेरी शक्ल तक नही देखना चाहता। एक दिन मैंने महेश को प्रपोज किया पर उसने सबके सामने मेरी बहुत मजाक उड़ाया ओर बहुत बेज़झाती की। ऑफिस के सभी लोग मुझे चीडाने लगे। यह मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नही हुआ। और मैने आत्महत्या कर ली। 

तांत्रिक ने चुडैल से कहा – तुमने अपनी गलती कि वजह से आत्महत्या कि। और माना कि महेश ने गलती की पर सजा देने का हक तुम्हे किसने दिया। तांत्रिक ने पुजा के शरीर से चुडैल को निकल कर अपनी शक्ति से पकड़ कर उसे एक सीसी मे बंद कर दिया ।ओर  पुजा अब पुरी तरह से ठीक हो गयी। और तीनो अपने-अपने घर चले गए।

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